Monday, 18 April 2016

यूही ज़िन्दगी में ....

कभी कभी जिंदगी में ये क्यों होता है
लोग अक्सर अपने वादोसे मुकर जाते है
साथ चलना नहीं है
पर नफ़रत करना सीखा  देते है

कभी कभी जिंदगी में ये क्यों होता है
दोस्त कहके पुकारते जिनको हम है
थोड़ी गलतियां क्या करदी
बिच रास्ते में ही साथ छोड़ देते है

कभी कभी जिंदगी में ये क्यों होता है
प्यार करने वालो में  नफरत पैदा होती है
घुट घुट के मरते है वो
जो सच्चे प्यार के दीवाने होते है

कभी कभी जिंदगी में ये क्यों होता है
इंसान सौ  गलतियां करता है
माफ़ नहीं होती उसकी वो एक गलती
जिसकी वो सौ  बार माफ़ी मांग चूका होता है

कभी कभी जिंदगी में ये क्यों होता है
लोगोंको मरने से नहीं प्यार से डर लगता है
सफल नहीं होता प्यार जिनका
कुछ मरते है कुछ मर मर के जी लेते है

कभी कभी जिंदगी में ये क्यों होता है
लोग पहचान ने में भी इंकार कर देते है
बातें करनी तोह दूर की बात
लोग तोह बिना शकल देखे ही चले जाते है

अक्सर जिंदगी में  यही होता है
दूरियां बढाती है सिर्फ यादें रहे जाती है
जाना था जिनको वो चले जाते है
हम तोह यु ही
गहरे पानी  के नीले समंदर में कही खो जाते है

                                           -  वरद

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