Thursday, 7 December 2017

क्या जिंदा हो तुम ??

कितनी भी निराशा हो
आपको हारना नही है
निराशा को आशा में बदल पाएं
तो जिंदा ही तुम

दुख दर्द देता हैं कहके
आपको रोना नाही हैं
आसुओंको हसी में बदल पाएं
तो जिंदा हो तुम

अंधेरेसे डर लगता हैं कहके
आपको पिछे हटना नही हैं
अंधेरे को उजाले मैं बदल पाए
तो जिंदा हो तुम

कौन जाने कल आएगा
यही स्वर्ग है कहके
आज़ खुल के जी पाए
तो जिंदा हो तुम

                      -  वरद